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आरक्षण कटौती पर बवाल 4 हजार प्रदर्शनकारी गिरफ्तार


रायपुर !    आरक्षण कटौती से बिफरे दलित समाज ने आज बूढ़ापारा धरना स्थल में धरना देकर अपना आक्रोश जताया। भाजपा सरकार के निर्णय पर ऐतराज जताते हुए शाम 4 बजे प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निवास का घेराव करने निकले, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बूढ़ापारा बिजली आफिस के पास ही रोक लिया और गिरफ्तार कर सप्रे स्कूल मैदान में निर्मित अस्थायी जेल पहुंचाया।  पुलिस ने लगभग 4 हजार प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में नि:शर्त रिहा कर दिया गया।
आरक्षण कटौती के विरोध में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आरक्षण बचाओ महासमिति के आह्वान पर 10 हजार से अधिक दलित समुदाय के लोग आज प्रदेश के विभिन्न स्थलों से राजधानी में जमा हुए। सुबह 11 बजे से 4 बजे तक धरना देने के उपरांत महासमिति के नेताओं एवं कांग्रेस विधायकों की अगुवाई में आक्रोशित लोग मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले। दलितों को रोकने पुलिस ने बिजली आफिस चौक में बेरिकेट्स लगाकर बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की थी। बेरिकेट्स तक पहुंचने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिस पर पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों में जमकर झूमाझटकी हुई। इसके उपरांत स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस ने सप्रे शाला को अस्थायी जेल घोषित कर गिरफ्तारी प्रारंभ कर दी, जिससे नाराज प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए वहीं सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने इस दौरान लगभग 4 हजार लोगों को गिरफ्तार किया एवं उन्हें बाद में नि:शर्त रिहा कर दिया।
सतनामी समाज के मंत्रियों व विधायकों के खिलाफ आक्रोशसरकार में बैठे सतनामी समाज के मंत्रियों व विधायकों के प्रति समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए, जिसके सामने आरक्षण कटौती के विधेयक में हस्ताक्षर हुए, जो समाज से गद्दारी करेगा, उसे समाज भी कभी माफ नहीं करेगा। ऐसे लोगों को समय आने पर सबक सिखाया जाएगा।
आंदोलनकारियों की वाहनों को रोका
राजधानी में आयोजित महाधरने में विभिन्न जिलों से सम्मिलित होने आ रहे है प्रदर्शनकारियों को सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा उनके वाहन को जगह-जगह पर रोक दिया गया।
दिल्ली में शिकायत की तैयारी
दलित वर्ग का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही दिल्ली जाकर राष्ट्रपति प्रतिभादेवी पाटिल, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचि जाति आयोग के अध्यक्ष पी.एल. पुनिया, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज आदि को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति के आरक्षण में कटौती संबंधी विधेयक को स्वीकृत न करने तथा पुनर्विचार हेतु छग सरकार को वापस भेजने हेतु आग्रह करेगी।
आज के धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से नरसिंह मंडल, पूर्व सांसद परसराम भारद्वाज, गोविन्दराम मिरी, पी.आर. खुंटे, विधायकगण श्रीमती पद्मा मनहर, डॉ. शिवकुमार डहरिया, दूजराम बौध्द, पूर्व विधायकगण धनेश पाटिला, डीपी. धृतलहरे, चुरामन मंगेश्कर, खेमसिंग बारमते, मदन सिंह डहरिया, देवचरण मधुकर, पी.आर. गहने, मोहनलाल भतरिया (भिलाई), केपी खाण्डे, एलएल कोसले, सुन्दरलाल लहरे, सुन्दर जोगी, राजेन्द्र पप्पू बंजारे, दिनेश खुंटे, जितेन्द्र चेलक, बबलू त्रिवेन्द्र, कृपाराम चतुर्वेदी, डॉ. शंकरलाल टोदर, रामकृष्ण जांगड़े, अमृतलाल जोशी, उजित भारद्वाज, हरिराम भ्रर्ट, एचआर भतपहरे (बिलासपुर), एमएल भतरीया, एसआर केशकर, मोहन मनी जाटवर, अगमदास अनन्त, अजय चौहान, धनेश नेताम, ऋषिराम तुरकाने, अनिल कनौजे, राधेश्याम विभार, डीएल दिव्यकार (राजपुर), श्रीमती गौरी टण्डन, खेदुराम बंजारे, डीसी मिलन, महादेव चौहान, विरेन्द्र अजगल्ले, इतवारी गढ़ेवाल, मनोज कुर्रे, एसआर अंचल, यूआर महिलांगे, रमेश चौहान, शंकर चौहान, रिती देशलहरा, छन्नूलाल बंजारे, आनंद कुरर्े, केआर भारद्वाज, जीआर वारे, पीपी साड़े, रामलाल जाटवर, महेन्द्र रात्रे, चम्पादेवी गेंदले, डॉ. महेश कुवर्रे, ओनी महिलांग, जीवनलाल बंजारे, विजय धृतलहरे सहित हजारों की संख्या में अनुसूचित जाति के लोग उपस्थित थे।

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