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जनमदिन के पोस्टर(छत्तीसगढी व्यंग) बियंग
संजीव खुदशाह जब ले मै राईपुर आये रहेउं, नेतामन के जनमदिन के पोस्टर ला देख के मोर मन हा कसमसा…
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विज्ञान को हङपने की कोशिश- ईश्वर कण
· संजीव खुदशाह हिग्स बोसोन की आज दुनिया भर में चर्चा हो रही है, ये निश्चित तौर पर ब्रम्हांड को…
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अमेरिका की लाजवाब सुरक्षा नीति पर हाय तौबा क्यूं ?
अमेरिकी हवाई अड्डा में ”माई नेम इज, शाहरूख खान“ शाहरूख खान के ये स्टाईलिश बोल सुरक्षा हेतु लगे कम्प्युटर को…
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भारत की वर्ण और जाति व्यवस्था…. पुस्तक समीक्षा
शुरुआत मानव उत्पत्ति पर विचार करते हुए की गई है। खुदशाह ने इस हेतु धर्मशास्त्रों में मानव उत्पत्ति को लेकर…
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शनि शिंगणापुर और हाजी अली में प्रवेश पर महिलाओं के संघर्ष का सच
संजीव खुदशाह सन 1645 के आस पास शिंगणापुर गांव के पारस नाले में एक शिला बहकर आई और एक दिवा…
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