Sunday, May 15, 2011

अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए दिशा-निर्देश जारी



Caste certificate validation high level committee

SC, ST and backward classes caste certificate validation guidelines issued
Tribal Research and Training Institute is Caste Verification center
अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए दिशा-निर्देश जारी
रायपुर, 24 जून 2009 - उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार आरक्षित पदों में शासकीय नौकरी और शैक्षणिक पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों के जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में सत्यापन के लिए उच्चस्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया है। न्यायालय के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए संस्थान द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए है। संस्थान की ओर से पोस्टर छपवाकर राज्य के सभी गांवों और शहरों में इन दिशा-निर्देशों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। फर्जी प्रमाण पत्रों की रोकथाम और आरक्षित पदों पर वास्तविक हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन की यह प्रक्रिया अपनाई गई है।
आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को अपने पिता अथवा पूर्वजों के मूल निवास जिले के ग्राम से संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी द्वारा जारी किया गया स्थाई प्रमाण पत्र होना चाहिए। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संबंध में राष्ट्रपति द्वारा जारी नोटिफिकेशन दिनांक 10 अगस्त 1950 और 6 सितम्बर 1950 के पहले अपने पिता अथवा पूर्वजों के ऐसे अभिलेख जिसमें उनकी जाति का स्पष्ट उल्लेख हो, प्रस्तुत करना होगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के मामले में 26 दिसम्बर 1984 के पहले का जाति अंकित अभिलेख प्रस्तुत किया जाना जरूरी होगा। अधिकारियों ने इसे और अधिक स्पष्ट करते हुए बताया कि ऐसे अभिलेखों में अपने पूर्वजों के मिसल अभिलेख जिसमें जाति अंकित हों अथवा यदि पूर्वज पढ़ा-लिखा रहे हों तो उक्त दिनांक से पहले का उनका दाखिल-खारिज पंजी का प्रधानपाठक द्वारा अभिप्रमाणित प्रतिलिपि अथवा पूर्वजों के जन्म-मृत्यु पंजी की मुख्य प्रतिलिपिकार द्वारा अभिप्रमाणित प्रतिलिपि अथवा नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर की मुख्य प्रतिलिपिकार से अभिप्रमाणित प्रतिलिपि जिसमें जाति का उल्लेख हो, प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
इसके अलावा पूर्वजों से प्रारंभ कर जाति प्रमाणपत्र धारक तक ग्राम के पटवारी द्वारा जारी किया गया वंशावली, पूर्वजों के उपरोक्तानुसार अंकित तिथि से पहले का मूल निवास प्रमाण पत्र अथवा उक्त दिनांक से 15 वर्ष पहले का अभिलेख जिससे प्रमाणित हो सके कि पूर्वज छत्तीसगढ़ की भौगोलिक सीमा के मूल निवासी रहे है। अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को अपने पिता का चालू वित्तिय वर्ष का आय प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
भारत सरकार गृह मंत्रालय और माननीय उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के निर्णय के अनुसार ऐसे अनुसूचित जाति और जनजाति जिनके पूर्वज 1950 के पहले और अन्य पिछड़ा वर्ग के मामले में 1984 के पहले छत्तीसगढ़ के मूल निवासी नहीं थे,उन्हें आरक्षण की पात्रता अपने पिता अथवा पूर्वजों के मूल राज्य में आयेगीछत्तीसगढ़ राज्य में नहीं।
Circular Dated 26/10/2009
Circular Dated 15/10/2010