Monday, November 7, 2011

[D.M.A.-:1447] दलित मुव्हमेन्ट ऐशोसियेशन के एक प्रतिनीधि मंण्डल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में दलित जातियों की कठिनाईयों से अवगत कराया गया।

दलित मुव्हमेन्ट ऐसोसियेशन
(सामाजिक अधिकारों के लिए प्रतिबध्द)
शासन व्दारा मान्यता प्राप्त
पंजीकृत कार्यालय:- 687 दोन्देखुर्द एच.बी.कालोनी, रायपुर (छ.ग.) पिन-493111
प्रेस विज्ञप्ति                                                                                                दिनांक 3/11/2011

पिछले दिनों दलित मुव्हमेन्ट ऐशोसियेशन के एक प्रतिनीधि मंण्डल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह जी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के दलित जातियों की कठिनाईयों से अवगत कराया गया।
ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी समस्या जाति प्रमाण पत्र नही बनना है। आवेदक से ५०-६० साल पुराना भूमि का रिकार्ड मांगा जाता है। जबकि छत्तीसगढ़ के ज्यादातर दलित खासकर अतिदलित भूमिहीन थे एवं अनपढ़ थे। इस कारण वे यहां निवास करने का ५०-६० साल पुराना रिकार्ड पेश नही कर पा रहे है परिणाम स्वरूप उनका जाति प्रमाण पत्र नही बन पा रहा है। और वे आरक्षण जैसी मूल भूत सुविधा से वंचित है। वे जातियां जिनका जाति प्रमाण पत्र नही बन रहा है उनमें से डोमार, डोम, महार, भंगी, मेहतर, वाल्मीकि, खटिक, देवार आदि प्रमुख है।
प्रतिनीधि मंण्डल द्वारा यह मांग कि गई कि यहां अधिकता में निवास करने वाली डोमार जातियों का जाति प्रमाण पत्र कई नामों से जारी किया जाता है जैसे कहीं हरिजन, कहीं मेंहतर और कहीं डोमार या डुमार एवं भंगी आदि। इसलिए सतनामी जाति की तरह एक ही नाम डोमार से जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने का आदेश प्रसारित किया जाय।
इस प्रकार प्रतिनीधि मंडल ने ऐशोसियेशन हेतु कार्यालाय भवन की मांग सहीत अन्य समस्याओं से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन जनदर्शन के अंतर्गत सौपा। जनदर्शन वेबसाईट www.cg.nic.in/jandarshan में टोकन क्रमांक 500711011613 एवं 500711011669 पर ज्ञापन पर शासन द्वारा कि जाने वाली कार्यवाही आन लाईन देखी जा सकती है। प्रतिनीधि मंडल में ललित कुंडे, मोतिलाल धर्मकार, कैलाश खरे, हरिश कुंडे एवं संजीव आदि थे।

कन्वीनर


दलित मुव्हमेंट ऐशोसियेशन
रायपुर

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