Sunday, April 17, 2011

जाति प्रमाण पत्र मे आने वाली कठिनाईयो के पीछे कुछ लोगों कि चाल है।

दलित मुव्हमेन्ट ऐसोसियेशन
(सामाजिक अधिकारों के लिए प्रतिबध्द)
शासन व्दारा मान्यता प्राप्त
पंजीकृत कार्यालय:- 687 दोन्देखुर्द एच.बी.कालोनी, रायपुर (छ.ग.) पिन-493111
पत्र क्रमांक................ दिनांक 17/4/2011                                              पंजीयन क्रमांक -3220
प्रेस विज्ञप्ति
वार्षिक सम्मेलन तथा डॉ अम्बेडकर जयंती समारोह
विगत १४ अप्रैल २०११ को दलित मुव्हमेंट ऐसोसियेशन के तत्वाधान में डोमार-हेला महासम्मेलन तथा डॉं अम्बेडकर जयंती समारोह का आयोजन गॉस मेमोरियल सेन्टर जय स्तंभ चौक रायपुर में किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली से आये सफाई कर्मचारी आंदोलन के नेशनल कनवेनर श्री बैजवाड़ा विल्सन, पुणे से आये मानुष्कि के प्रोग्राम डायरेक्टर श्री प्रियदर्शी तैलंग, रायपुर के दैनिक देशबंधुग्रुप के प्रधान संपादक श्री ललित सुरजन, रायपुर के ही दलित लेखक श्री संजीव खुदशाह तथा सागर से आये समाजिक कार्यकर्ता श्री शिवरतन हेला भारती ने शिरकत की। कुल तीन सत्र में विभाजित यह कार्यक्रम पूरे एक दिन का था। सबसे पहले कैलाश खरे जो स्टेट कनवेनर है ने इस कार्यक्रम तथा एसोसियेशन का परिचय दिया तथा यह बताया कि इस ऐसोसियेशन का गुगल ग्रुप देश के लोकप्रिय ग्रुप एवं ब्लग्स में शुमार है। प्रथम सत्र के वक्ता के रूप में श्री बैजवाड़ा विल्सन ने कहा कि भारत शासन ने हर जाति हर विभाग को आधुनिक बनाने की कोशिश की। किन्तु सफाई के क्षेत्र में कोई अनुसंधान नही कराया क्योकि उनको मालूम है की ऐसी सैकड़ो जातियां है जो मैला सिर पर ढोकर देश को स्वस्थ रख सकती है। आज शुष्कशौचालय निषेध अधिनियम केवल कागजों तक सीमित है। श्री ललित सुरजन ने कहा यह सही ही की अभी समाज में बदलाव पूरी तरह नही आया है किन्तु हम सब इस कार्यक्रम में शामिल है ये इस बात का सूबूत है कि यह बदलाव तेजी से आ रहा है। पुणे से आये श्री प्रियदर्शी तैलंग ने बताया कि यह प्रयास बहुत ही अच्छा है। छत्तीसगढ़ में डोमार-हेला समाज बहुत बड़ी संख्या में निवास करता है किन्तु अब तक यह समाज एक जुट नही हो पाया था। एकता सबसे बड़ी ताकत होती है। इस मामले में दलित मुव्हमेंट ऐसोसियेशन का प्रयास सराहनिय है और मै चाहूगां की ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। उन्होने नागपूर या पूणे में इस समाज के चुने हुये सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण तथा भ्रमण शिविर आयोजित करने की घोषणा की जिसका सारा खर्च माणुष्कि वहन करेगी। संजीव खुदशाह ने अपने वक्तव्य में कहा की इस कार्यक्रम को आयोजित करने में दलित मुव्हमेंट ऐसोसियेशन के सदस्यो को बहुत पापड़ बेलने पड़े। आज यह समाज डॉ अम्बेडकर व्दारा प्रदत्त सभी सुविधाऐ शिक्षा, समानता, आरक्षण, ऐट्रोसिटी एक्ट आदि का भरपूर उपयोग करता है किन्तु उसी बाबा साहेब को अपनाने में कतराता है। यह एक बेईमानी जैसा है आखिर यह समाज कब तक अपने शोषको तथा उध्दारको में फर्क कर पायेगा। उन्होने आगे कहा यदि समाज के ऐसे लोग जो डॉ अंबेडकर को नही मानते है। उनके द्वारा प्रदत्त सुविधाये लेना बंद कर दे।
श्री शिवरतन भारती ने अपने उदबोधन में कहा की संजीव खुदशाह कि प्रसिध्द किताब 'सफाई कामगार समुदाय` हमने पढ़ी और सैकड़ो लोगो को पढ़ाई। उनकी किताब यदि कोई व्यक्ति पढ़ले तो अलग से उसे कुछ समझाने कि आवश्यकता ही नही पड़ती सब कुछ उसमें मौजूद है जो इस समाज का व्यक्ति जानना चाहता है। वे एक लोकप्रिय लेखक है उनके शहर आकर उनसे मिलकर बेहद खुशी एवं गर्व की अनुभूति हुई। ऐसोसियेशन के प्रतिनीधि श्री मोतिलाल धर्मकार ने कहा आज इस समाज को यदि किसी ने सबसे ज्यादा छला है तो वह है इसी समाज के तथा कथित नेता तथा आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर उचे पदो पर बैठे वो लोग जो इस समाज को पलट कर नही देखते न ही बाबा साहेब को मानते है उनकी एक सूची बनाकर उनकी सार्वजनिक भर्त्सना की जानी चाहिए। आखिर जाति छुपा कर कितने दिन रहा जा सकता है। सागर से आये श्री शंकर गंगापारी जी ने अपने उदबोधन में कहा की हमारा समाज एक जुट नही हो पा रहा है, सुदर्शन, वाल्मीकि, नवल, गोगापीर जैसे नामों को पकड़कर अलग-अलग बटां हुआ है आज जरूरत है कि बाबासाहेब जिनके कारण हमे सारी सुविधाये मिल रही है उन्ही के नाम पर हम एक जुट हो जाऐं। उन्होने कहा आज दलित मुव्हमेंट ऐसोसियेशन के बुलावे पर हम यहां आये सुबह रायपुर पहुच कर दैनिक हरीभूमि अखबार में एक बहुत अच्छा लेख बाबा साहेब और भंगी जातियों पर पढ़ा, हमें आश्चर्य और खुशी का ठिकाना नही रहा की यह लेखं संजीव खुदशाह जी का ही था। ये बहुत खुशी कि बात है हमारे बीच ऐसे लेखक है जिनके लेख को ऐसा महत्वपूर्ण स्थान मिलता है। पूर्व पार्षद कंधीलाल कुण्डे ने कहा हमारे समाज का व्यक्ति समाज के लिए एक रूपये खर्च करने में संकोच करता है इस समाज को संगठित करने कि आवश्यकता है और संगठन तभी बन सकता जब संगठन के पास वित्तीय ताकत है हो, इसलिए मै आग्रह करता हू कि हर वेतन भोगी प्रतिमाह एक दिन का वेतन तथा पेशनर वर्ष में १५ दिन का पेशन समाज के लिए खर्च करे। तभी यह समाज संगठीत होगा और तरक्की करेगा।  इस सत्र में रायपुर की श्रीमति किरन खरे, चिरमीरी से आई इसी समाज की एल्डरमेन नगरनिगम श्रीमति गौरी हथगेन ने भी प्रभावपूर्ण वक्तव्य दिया। इस सत्र के समापन कि घोषणा डॉ अनुराग मेश्राम ने की तथा दोपहर के भोजन हेतु सभी को आमंत्रित किया।
दूसरे सत्र में छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों से आये बाल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप बाबा साहेब का एक फ्रेम किया हुआ फोटोग्राफ तथा प्रशस्ति पत्र दिया गया। साथ ही ऐसे बच्चे जो अन्य जिलो से आये थे उन्हे ऐसोसियेशन द़्वारा आने जाने का किराया भी दिया गया।

तीसरा सत्र समाज की समस्याओं तथा जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली कठिनाईयों पर केन्द्रित था। इस सत्र के मुख्य वक्ता समाज के सभी विद्वतजन उपस्थित थे, सभी ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र मे आने वाली कठिनाईयो के पीछे कुछ लोगों कि चाल है कि हम लोगो को आरक्षण का लाभ नही मिल पाये इसमें सरकार के नुमाईदो की मिली भगत है। आज राज्य में सत्यापन समिति के पास लगभग ३००० ऐसे लोगो का प्रकरण लंबित है जो फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे, उनके खिलाफ सरकार कुछ नही कर रही है किन्तु हम जैसे जरूरतमंद लोगो को तरह तरह के कानून लाद कर आरक्षण से दूर कर रही है।  

सत्र के अंत में एक समाजिक समस्याओं के उपचार हेतु ऐजेण्डे का अनुमोदन किया गया तथा एक समाज भवन रायपुर में निर्माण किये जाने पर सहमती जताई गई। तथा यह भी तय किया गया कि एक प्रतिनीधि मंडल अपनी समस्याओ को लेकर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौपेगा। इस कार्यक्रम में लगभग सभी जिलो से आये २०० लोगा शमिल हुऐ। इसे सफल बनाने में इस दलित मुव्हमेंन्ट ऐसोसियेशन के स्टेट कनवेनर डिस्ट्रीक्ट कनवेनर तथा समाजिक सदस्यों ने बड़ा सहयोग दिया जिनमें शामिल है कैलाश खरे, हरिश कुण्डे, ललित कुण्डे, तथा सचिन खुदशाह।

भवदीय

सचिन कुमार
स्टेट कनवेनर
दलित मुव्हमेंट ऐसोसियेशन
मो 09907714746