Sunday, July 23, 2017

‘नेशनल दस्तक’ की खबर का असर, गूगल ने दलित मूवमेंट एसोसिएशन के ग्रुप से हटायी पाबंदी

osted on July 22, 2017
 
 
 
 
 
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नई दिल्ली। तकरीबन दो सप्ताह पहले गूगल ने दलित मूवमेंट एसोसिएशन के ग्रुप को बैन कर दिया था। नेशनल दस्तक की खबर के बाद अब इस बैन को हटा दिया गया है। ग्रुप के संचालक संजीव खुदशाह ने आभार जताते हुए एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होने नेशनल दस्तक और गूगल की पूरी टीम, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लेखकों का आभार जताया है।
मुख्य बातें-
  1. नेशनल दस्तक की खबर के बाद गूगल ने दलित एसोसिएशन ग्रुप से हटाया बैन
  2. संजीव खुदवाह ने लेखकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों का जताया आभार
  3.  दो सप्ताह पूर्व बिना कारण ही बैन कर दिया गया था ग्रुप
बता दें कि 12 जुलाई 2017 को नेशनल दस्तक ने ‘दलित मूवमेंट एसोसिएशन का गूगल ग्रुप बैन’ शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें हमने बताया था कि गूगल की ओर से ग्रुप को बैन करते हुए तर्क दिया गया कि इसमें दुर्भावना पूर्ण सामग्री थी। हालांकि इसमें किस सदस्य और किस कंटेंट से गूगल को आपत्ति थी इसका जिक्र नहीं किया गया था।
बता दें कि गूगल ग्रुप डी एम ए विगत 10 सालों से सक्रिय है। जिसमें 7500 से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं। जिनमें तमाम नामी गिरामी हस्तियों के साथ-साथ, देश विदेश के प्रगतिशील मानवाधिकार मुद्दों से जुड़े हुए व्यक्ति भी शामिल हैं।
यह एक बेहद सक्रिय ग्रुप है जिसमें देश विदेश के तमाम मुद्दों पर सार्थक बहस होती है। अब तक तक़रीबन पांच हजार मुद्दों पर बहस हो चुकी थी। यह बहस गोपनीय न होकर सभी के लिए ओपन रहती है।

इस ग्रुप में कई मीडिया के लोग भी जुड़े हुए हैं और वे इस ग्रुप में प्रसारित मुद्दों को प्रकाशित भी करते रहे हैं। कई लेख इसी ग्रुप से मीडिया तक पंहुचे हैं।

Friday, July 14, 2017

दलित मूवमेंट एसोसिएशन का गूगल ग्रुप बैन - नेशनल दस्तक

नई दिल्ली। आजकल जिस प्रकार से सोशल मीडिया का गला घोटने का सिलसिला चल पड़ा है उसमें फेसबुक ट्विटर ब्लॉग के साथ-साथ गूगल ग्रुप को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में दलित मूमेंट एसोसिएशन गूगल ग्रुप को बंद कर दिया गया। तर्क यह दिया गया कि इसमें दुर्भावना पूर्ण सामग्री थी। किस मेल से या किस सदस्य से आपत्ति है इसका जिक्र नहीं किया गया है।

खास बातें-
  1. 10 साल से एक्टिव था गूगल ग्रुप
  2. लोग करते थे सामाजिक मुद्दों पर डिस्कशन
  3. ग्रुप का ब्लॉग अभी सक्रिय है
  4. सभी के लिए ओपन थी यह बहस

गूगल ग्रुप डी एम ए विगत 10 सालों से सक्रिय था। इस ग्रुप में करीब 7500 सदस्य जुड़े हुए थे। जिनमें तमाम नामी गिरामी हस्तियों के साथ-साथ, देश विदेश के प्रगतिशील मानवाधिकार मुद्दों से जुड़े हुए व्यक्ति भी शामिल थे।

dalit movement google group ban
यह एक बेहद सक्रिय ग्रुप था जिसमें देश विदेश के तमाम मुद्दों पर सार्थक बहस होती थी। अब तक तक़रीबन पांच हजार मुद्दों पर बहस हो चुकी थी। यह बहस गोपनीय न होकर सभी के लिए ओपन थी। आज वे सरे मुद्दे इस ग्रुप से गायब हैं।
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इस ग्रुप में कई मीडिया के लोग भी जुड़े हुए थे और वे इस ग्रुप में प्रसारित मुद्दों को प्रकाशित भी करते रहे हैं। कई लेख इसी ग्रुप से मीडिया तक पंहुचे हैं। अब तक इसके बहुत सारे सदस्यों को ये नहीं मालूम की यह ग्रुप बंद हो चुका है।
नेशनल दस्तक से साभार 
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